उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के बीजेपी अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप उर्फ बमबम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वह एक महिला को पार्टी दफ्तर ले जाते हुए और कथित तौर पर उसे गले लगाते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने पर कश्यप ने सफाई दी है कि उन्होंने सिर्फ महिला को ‘सहारा’ दिया था, क्योंकि उसे चक्कर आ रहा था. उनके इस बयान के बाद अब उक्त महिला की भी प्रतिक्रिया आई है.
वायरल वीडियो में गोंडा बीजेपी अध्यक्ष के साथ नजर आ रही महिला का कहना है कि उस दिन मैं लखनऊ गई हुई थी. लौटते समय रात में मेरी तबीयत खराब हो गई थी. चक्कर आ रहे थे. जब कोई उपाय नहीं सूझा तो मैंने अध्यक्ष जी यानी कि अमर किशोर कश्यप को फोन लगाया और उनसे कहा कि मैं यहां स्टेशन में फंसी हुई हूं, कृपया कहीं ठहरने का प्रबंध कर दीजिए या फिर मेरे घर भिजवा दीजिए. जिसपर अध्यक्ष जी ने कहा कि मैं थोड़ा बिजी हूं, 10 मिनट बाद आता हूं.
महिला ने आगे बताया कि कुछ देर में अध्यक्ष जी आए और मुझे गाड़ी से कार्यालय लेकर पहुंचे. उन्होंने कहा कि तुम यहां आराम करो, मुझे दूसरा काम आ गया है, मैं निकल रहा हूं, फिर आता हूं. लेकिन जैसे ही दो-तीन सीढ़ी चढ़ी मुझे चक्कर आ गया, मैं गिरने वाली थी, जिसपर अध्यक्ष जी ने मुझे सहारा दिया. अगर मैं फिसल जाती तो मेरा पैर भी टूट सकता था, कहीं भी चोट आ सकती थी.
बकौल महिला- आखिर में अध्यक्ष जी यानी कि अमर किशोर कश्यप ने मुझे कमरे में छोड़ा और खुद बाहर चले गए. जाते-जाते बोल गए कि कुछ देर में तुम्हें घर भिजवा देता हूं. बस इतनी सी बात है. अब इसको राजनीतिक विद्वेष के चलते अलग एंगल दिया जा रहा है. जबकि, मैं अध्यक्ष जी को 3 साल से जानती हूं, वो मेरी नजर में गलत नहीं हैं. वो मेरे बड़े भाई और पिता जैसे हैं. मेरे उनके यहां से हमारे पारिवारिक संबंध रहे हैं. जिन लोगों ने मेरे खिलाफ गलत अफ़वाह उड़ाई है उनके खिलाफ मैंने थाने में शिकायत कर दी है.
महिला ने कहा कि मेरे घर में पति और बच्चे हैं. मेरे सम्मान से भी खिलवाड़ किया गया है. ये राजनीति है. इस मामले में अध्यक्ष और मुझे बदनाम किया जा रहा है. अगर अभी भी लोग नहीं माने तो मैं मानहानि का केस दर्ज करवाऊंगी, महिला आयोग तक जाऊंगी.
बीजेपी अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप का बयान
मामले में अमर किशोर कश्यप ने कहा कि उक्त महिला बीजेपी कार्यकर्ता हैं, सक्रिय सदस्य हैं. तबीयत खराब होने की वजह से उन्होंने मुझे कॉल किया और कुछ घंटे रेस्ट की बात कही. मैंने उन्हें अपनी गाड़ी से कार्यालय बुलाया. जब वह सीढ़ियां चढ़कर ऊपर आईं तो उन्हें चक्कर आया, और मैंने उन्हें गिरने से बचाने के लिए सहारा दिया. उन्होंने भी मेरा हाथ पकड़ा. अगर किसी की मदद करना जुर्म है, तो मैं कुछ कह नहीं सकता.
बीजेपी जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि यह वीडियो उनके ही कार्यालय परिसर का है और 12 अप्रैल को रिकॉर्ड हुआ था. उनका कहना है कि महिला अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और आराम कर रही हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह वीडियो उनके कर्मचारियों के माध्यम से ही वायरल हुआ है, और इसकी नियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि निहित स्वार्थों से ऐसा किया गया हो सकता है.
फिलहाल, इस पूरे मामले में पार्टी संगठन ने बीजेपी जिलाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. पार्टी की तरफ से जिला अध्यक्ष को 7 दिन के अंदर मामले का स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं. नोटिस में साफ लिखा हुआ है कि अगर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं हुआ तो पार्टी द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Discover more from BrandedNepal | Shop Nepal’s Best Local & Global Brands
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


